
- प्रेरणा समाजोत्थान समिति का अभिनव प्रयास
- रेडक्रॉस वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को दी सीपीआर ट्रेनिंग
- युवाओं ने नुक्कड़ नाटक से भी समझाया
- बुजुर्गों को संगम जल भेंट किया
नीमच। रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को सामाजिक, रचनाधर्मी संस्था प्रेरणा समाजोत्थान समिति द्वारा आपातकालीन जीवन रक्षा पद्धति का प्रदर्शन कर प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उन्हें प्रयागराज महाकुंभ से लाया गया पवित्र संगम जल भेंट किया गया।
अचानक हृदय संबंधी तकलीफ होने पर सांस या धड़कन रुकने की स्थिति में बुजुर्ग कैसे अपने साथी बुजुर्ग का जीवन बचाने की कोशिश कर सकते हैं यह उन्हें विस्तार से बताया गया। प्रारम्भ में प्रेरणा समाजोत्थान समिति प्रमुख डॉ प्रेरणा ठाकरे ने आयोजन का उद्देश्य बताया। सचिव डॉ सुरेंद्र शक्तावत और लेखक डॉ महिपालसिंह चौहान ने बुजुर्गों को एकाकी जीवन जीते समय एक दूसरे का खयाल रखने और खुशी से मदद के लिए आगे रहने की बात संवेदनशील तरीके से समझाई। इस दौरान समिति की युवा टीम ने नुक्कड़ नाटक का मंचन कर बुजुर्ग को अचानक हुई हृदय संबंधी तकलीफ और फिर सीपीआर के जरिये उठ खड़े होने तक की स्थिति का सजीव चित्रण किया। बीच बीच बुजुर्गों से संवाद किया। नुक्कड़ नाटक में हर्ष खाटरा, अनन्या गुप्ता, आदित्य पाराशर, आदित्य सागर, प्रगति चौधरी, महक शर्मा, दिव्यांश सागर, कनिका शर्मा, संस्कृति जैन, प्राची गुर्जर, अक्षत चौरसिया आदि ने शानदार भूमिका निभाई। इसके बाद प्रो आशीष सोनी ने पुतले के माध्यम से आपातकालीन जीवन रक्षा पद्धति सीपीआर (कार्डियोपलमोनरी रिससिटेशन) की प्रक्रिया विस्तार से समझाई। बुजुर्गों ने भी बारी बारी सीपीआर पद्धति का प्रयोग किया। मूक बधिर बच्चों ने भी प्रक्रिया को ध्यानपूर्वक समझा। केयर टेकर खुमानकुंवर भारद्वाज के साथ स्टाफ भी उपस्थित रहा। सभी बुजुर्गों को प्रयागराज महाकुंभ के संगम तट से लाया गया पवित्र जल भेंट किया गया, ताकि वे आश्रम में बैठ पुण्य लाभ ले सके। वृद्धाश्रम की बुजुर्ग माताओं ने आयोजन से प्रभावित होकर भजनों की प्रस्तुतियां दी।